केन्र्द सरकार ने अप्रैल २००७ में संघीय प्रणाली के अंतगर्त संबंधो के समीक्षा के लिए पूंछी आयोग गठित की | पूंछी आयोग ने ७ खण्डो व १४५६ पेजों की अपनी रिपोर्ट में निम्नलिखित सुझाव दिए है - १-आयोग ने अनु ० ३५५ व ३५६ में संशोधन के सिफरिश के है जिसके तहत स्थानी आपात प्रावधान के सिफरिश की जिसमे संकट के दौरान पुरे राज्य के बजाय स्थानीय क्षेत या जिले को राज्यपाल शासन की अधीन लाया जा सके ,लेकिन यह आपात काल ३ महीने सी ज्यादा सम य तक नहीं रही गा | २-राष्टीय एकता परिषद् को ज्यादा अधिकार प्रदान करने की अनुशंसा की ३-साम्प्रदायिक हिंसा कानून में संशोधन की सिफरिश की जिसकी तहत राज्य की सहमत की बिना केंर्दीय बल के तैनाती की जा सकती है| ४-राजय्पलो की भूमिका के विषय मे आयोग ने - राज्यपालों का कार्यकाल ५ वर्षा तय करने और उंन्हे हठाने के लिए राज्य विधानमंडल द्वारा महाभियोग प्रक्रिया आपनाने की सलाह दी है | ५-राज्यमंतिमंडल के सलाह की विरुध जा कर मंतियो की खिलाफ मुकदमे की मंजूरी प्रदान करने की शकित दीनी की सिफारिश की| ६-चुनाव पूर्व गटबंधन को दल की रूप में मान्यता द...